हैदराबाद एनकाउंटर के बाद अब नन्हीं कली के हत्यारे को फांसी का इंतजार

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पांच साल पहले पिथौरागढ़ की मासूम नन्हीं कली के साथ हल्द्वानी में हुई घटना के हत्यारे को जिला जज व हाईकोर्ट के फांसी की सजा सुनाने के बावजूद अब भी परिजन आदेश पर अमल का इंतजार कर रहे हैं। हैदराबाद में घटना के बाद वहां हुई पुलिस एनकाउंटर की कार्रवाई से अब नन्हीं कली के हत्यारों को भी तत्काल फांसी देने की मांग मुखर हो उठी है।

क्या है नन्हीं कली हत्याकांड

20 नवंबर 2014 को पिथौरागढ़ का एक परिवार हल्द्वानी के शीशमहल स्थित रामलीला मैदान में आयोजित एक विवाह समारोह में गया था। देर शाम विवाह समारोह से सात वर्षीय बच्ची अपहृत हो गई। 25 नवंबर को नन्हीं कली का शव गोला नदी किनारे मिला था। मासूम के साथ जिस तरह की दङ्क्षरदगी हुई थी उसे लेकर पूरा कुमाऊं उबल गया था।

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पुलिस ने इस मामले में मुख्य अभियुक्त डंपर चालक अख्तर अली उर्फ मकसूद उर्फ राजा निवासी मुखलिस, बेतिया, पश्चिमी बिहार, चालक प्रेमलाल वर्मा निवासी हैदरगंज, जहानाबाद, पीलीभीत व रुद्रपुर निवासी जूनियर मसीह उर्फ फोक्सी को गिरफ्तार किया था।

कोर्ट में ऐसे चला मामला

घटना के करीब एक साल बाद जिला जज नैनीताल की अदालत ने मुख्य अभियुक्त अख्तर अली को फांसी और प्रेमलाल को पांच साल कारावास की सजा सुनाई। वहीं जूनियर मसीह को साक्ष्यों के अभाव में बरी कर दिया गया था। अक्टूबर 2019 में हाईकोर्ट ने भी निचली अदालत के फैसले को बरकरार रखा। अब ये मामला सर्वोच्च न्यायालय पहुंच चुका है। नन्हीं कली के एक परिजन ने बताया कि परिवार ने भी सर्वोच्च न्यायालय में अर्जी लगाई है।

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