73 हजार छात्र हुए कम जेईई एडवास्ड के लिए

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जेईई एडवास्ड में छात्र-छात्राओं का रुझान कम दिख रहा है। इस बार जेईई मेन में बेहतर अंक हासिल करने वाले करीब 2.45 लाख परीक्षार्थियों को एडवास्ड के लिए रजिस्ट्रेशन कराना था। इसमें एक लाख 73 हजार छात्रों ने ही रजिस्ट्रेशन कराया है। करीब 72 हजार छात्रों ने जेईई एडवास के लिए चयनित होने के बाद भी एडवास्ड के लिए पंजीकरण नहीं किया है।

विशेषज्ञों का कहना है कि यह पहला मौका है, जब जेईई मेन रैंकिंग में जेईई एडवास्ड के लिए चयनित होने के बाद भी छात्रों ने रजिस्ट्रेशन नहीं कराया है। यह आकड़ा बेहद बड़ा है और चौकाने वाला है। अविरल क्लासेज के निदेशक डीके मिश्रा के अनुसार देशभर के 23 आइआइटी में 11,279 सीट हैं। जिनमें एससी-एसटी, अन्य पिछड़ा वर्ग, दिव्यांग सहित तमाम अन्य आरक्षण भी लागू हैं। इसके अलावा कुछ पाठ्यक्रम अलोकप्रिय भी हैं। इस स्थिति में प्रतिस्पर्धा बहुत कड़ी है। टॉप की आइआइटी में मनचाही ब्रांच मिलना आसान नहीं है। यही वजह है कि छात्रों ने बैकआउट किया है।

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बता दें, इंजीनियरिंग की प्रतिष्ठित परीक्षा जेईई-एडवास्ड के माध्यम से देशभर की 23 आइआइटी में प्रवेश दिया जाता है। वहीं जेईई-मेन के माध्यम से 31 एनआइटी, 23 ट्रिपल आइटी और 23 जीएफटीआइ की लगभग 25 हजार सीटों पर प्रवेश मिलता है। करीब 35 हजार विद्यार्थियों को ही आइआइटी, एनआइटी, ट्रिपल आइटी एवं जीएफटीआइ में प्रवेश मिल पाता है। मेन में रहा रिजल्ट फीका तो न हों परेशान

जेईई-मेन में अपेक्षानुसार अच्छी पर्सेटाइल नहीं आने वाले छात्रों को निराश होने की आवश्यकता नहीं है। ऐसे छात्रों के पास आइआइटी और एनआइटी के अलावा भी कई प्रमुख इंजीनियरिंग संस्थान, बिट्स पिलानी, वीआइटी, मनीपाल, आइपीयू, एसआरएम, क्यूसेट, एएमयू, कॉमेडके, यूपीईएस, सीएमआइ, आइएसआइ, एनमेट, कलिंगा, ट्रिपल आइटी हैदराबाद, एलपीयू जैसे संस्थानों में दाखिले का मौका है। 35 प्रतिशत अंक जरूरी

जेईई एडवास्ड क्वालीफाई करने के लिए सामान्य वर्ग के अभ्यर्थियों को न्यूनतम 35 प्रतिशत अंक लाने होंगे। परीक्षा आयोजक संस्थान आइआइटी रुड़की ने कटऑफ जारी कर दी है। विषयवार अभ्यर्थी को 10 प्रतिशत अंक प्राप्त करने अनिवार्य हैं। अन्य पिछड़ा वर्ग और गरीब सवर्ण कोटा के अभ्यर्थियों के लिए ओवरऑल कटऑफ 31.5 प्रतिशत जबकि विषयवार नौ प्रतिशत अंक जरूरी हैं। एससी-एसटी एवं शारीरिक विकलाग अभ्यर्थियों को ओवरऑल 17.5 और विषयवार पाच प्रतिशत अंक लाने होंगे। जेईई एडवास्ड का आयोजन 27 मई को किया जाएगा। 14 जून को परिणाम जारी किया जाएगा।

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