फर्जीवाड़ा रोकने के लिए अब 12वीं की प्रयोगात्मक परीक्षाएं दूसरे विद्यालयों में होंगी

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केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) प्रयोगात्मक परीक्षा में बड़ा बदलाव करने जा रहा है। फर्जीवाड़ा रोकने के लिए अब 12वीं की प्रयोगात्मक परीक्षाएं दूसरे विद्यालयों में होंगी। इसके लिए स्टूडेंट्स को प्रवेशपत्र जारी होंगे। बोर्ड के परीक्षा नियंत्रक डॉ. संयम भारद्वाज की ओर से स्कूलों को जारी पत्र में प्रयोगात्मक परीक्षा का शेड्यूल जल्द जारी की बात कही गई है।

बोर्ड के पास पहुंची शिकायत के बाद स्व केंद्र प्रयोगात्मक परीक्षा व्यवस्था पर रोक लगने जा रही है। प्रयोगात्मक परीक्षा के लिए जारी होने वाले प्रवेशपत्र पर परीक्षार्थी का फोटो लगेगा। अभी तक अपने स्कूल में प्रयोगात्मक परीक्षा होने पर प्रवेशपत्र जारी नहीं होता था। स्कूल प्रशासन प्रयोगात्मक परीक्षा लेने आने वाले परीक्षक को प्रभावित कर लेते थे। सूत्रों की मानें तो बोर्ड को इस प्रकार की शिकायत मिली हैं कि स्कूल के प्रभाव में परीक्षक मनचाहे अंक देकर बोर्ड को भेज देते थे। जिसके चलते बोर्ड ने परीक्षा की प्रक्रिया में बदलाव का फैसला लिया है।

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बिना लैब वाले स्कूल में प्रैक्टिकल नहीं

सीबीएसई 2020 से उन स्कूलों की जांच करेगा, जिनमें लैब की सुविधा नहीं है। बिना लैब वाले स्कूलों में प्रायोगिक परीक्षा का केंद्र नहीं बनाया जाएगा।

ये होंगे मुख्य फायदे

मेधावी छात्र की पहचान हो पाएगी, गलत तरीके से स्कूल प्रैक्टिकल नहीं ले पाएंगे।

गलत परीक्षार्थी को पकड़ा जा सकेगा, मनमानी करने वाले स्कूल पकड़ में आएंगे।

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